क्यों आयी उत्तराखंड की फिल्म केदार चर्चा में ?

kedar movie

देवभूमि उत्तराखंड जाना जाता है अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और मनमोहक दृश्यों के लिए और ये प्रदेश हमेशा ही फिल्मों की सूटिंग को लेकर निर्माताओं की पहली पसंद रहा है और कई ऐसी फिल्में बनी है। जो उत्तराखंड पर आधारित रही है। 2018 में आयी फिल्म बत्ती गुल मीटर चालु जो उत्तराखंड के परिवेश में तो बनी पर लोगों में असर नहीं डाल पायी, उसका कारण यह रहा कि फिल्मकार समझ नहीं पाए कि उत्तराखंड कि जो माटी है उसकी असली पहचान क्या है, कई और ऐसी तमाम कोशिशे हुई पर ज्यादातर फ़िल्मकार असफल ही रहे । 2018 में आयी फिल्म छोल्यार ने उत्तराखंड की संस्कृति को सही मायने में प्रस्तुत किया। इस फिल्म को लोगों ने खूब सराहा और फिल्म ने अच्छा कारोबार भी किय। फिल्म के मुख्य अभिनेता देवा धामी थे जो कई विज्ञापनों और सीरियल में मुख्य किरदार के रूप में दिखे । और अब उनकी आने वाली फिल्म केदार प्राइड ऑफ़ उत्तराखंड जो की खासी चर्चाओं में बनी हुई है। उसे उत्तराखंड के इतिहास में अब तक की सबसे महंगी फिल्म बताई जा रही है। केदार एक ऐसे युवक की कहानी है जो पहाड़ में रहकर अपने अस्तित्व को खोज रहा है और हालत व् परिष्थिति उसे गांव से इंटरनेशनल बॉक्सिंग एरीना तक कैसे पहुँचती है। फिल्म के निर्देशक कमल मेहता है निर्माता उद्योगपति सुरेश पांडे और जतिंदर भट्टी है।

फिल्म आधारित है उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और स्पोर्ट्स पर अंडर डॉग बॉक्सिंग को फिल्म में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है और फिल्म की ट्रेलर को देखकर लगता है कि खर्चा भी अच्छा खासा हुआ है फिल्म अभी से लोगों में चर्चा का विषय ह। फिल्म के मुख्य किरदार देवा धामी का जबरदस्त अभिनय और गजब का डांस देखकर लोगों को फिल्म का बेसब्री से इंतजार ह। फिल्म 14 अक्टूबर को पूरे देश में रिलीज होने जा रही है । फिल्म में जबरदस्त एक्शन के साथ रोमांस और फैमिली ड्रामा देखने को मिलता है, और फिल्म एक ऐसे मुद्दे को सामने ला रही है जो उत्तराखंड की सबसे बड़ी समस्या जहां पहाड़ों में खासतौर पर जब कोई बीमार होता है तो उसे अक्सर डोली में रोड तक वहां के लोग लाते हैं वहां से कहानी को उठाया गया है फिल्म के मुख्य पात्र केदार सिंह नेगी जो कि अपने पिता को खो देते है। इस कारण से कि वहां एक अच्छा अस्पताल नहीं था और समय के अभाव के चलते उनकी मृत्यु हो जाती ह। केदार सिंह नेगी का सपना है कि वो अपने पिता के नाम से इतना बड़ा अस्पताल बनाए कि किसी भी पहाड़ी व्यक्ति को तराई की ओर अपने इलाज के लिए भागना ना पड़। यह फिल्म उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी फिल्म है जिससे उनको बहुत उम्मीदें हैं और उनका दावा है कि खासतौर पर युवाओं को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी और प्रेरित करेगी।

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