पटना में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच मनाया जन्मदिन, पिता की विरासत को किया याद; बोले— ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ ही मेरी प्राथमिकता है।
आज 31 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास दिन पर उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। पटना में जन्मदिन के मौके पर केक काटा गया और पार्टी के लोगों ने उनके साथ खुशियां साझा कीं। लेकिन इस जश्न के बीच चिराग पासवान की बातों में एक ऐसी कमी भी महसूस हुई, जिसका जिक्र उन्होंने खुद किया— उनके पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की।
जन्मदिन जैसे खास मौके पर अक्सर परिवार और अपनों की यादें ताजा हो जाती हैं। चिराग पासवान के लिए भी यह दिन कुछ ऐसा ही रहा। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी के खास पड़ाव पर पिता की कमी और ज्यादा महसूस होती है।
पिता की याद में भावुक हुए चिराग
पटना में जन्मदिन समारोह के दौरान चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता के साथ जन्मदिन मनाने की यादें समय बीतने के साथ और गहरी होती जा रही हैं।
उन्होंने अपनी मां का भी जिक्र किया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में उनकी मां एक मजबूत सहारे की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। चिराग ने परिवार, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया, जिन्होंने संगठन को आगे बढ़ाने में मेहनत की।
उनकी इन बातों से साफ था कि जन्मदिन उनके लिए केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि अपने सफर और परिवार के योगदान को याद करने का अवसर भी है।
‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ को बताया अपनी प्राथमिकता
जन्मदिन के मौके पर चिराग पासवान ने बिहार के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है और विकसित बिहार के साथ विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे नए संकल्प के साथ काम करेंगे।
हाजीपुर से लोकसभा सांसद चिराग पासवान ने अपने क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वहां के लोगों का स्नेह और समर्थन उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी माना कि जनता से जुड़ाव बनाए रखना उनके पिता की दी हुई अहम सीखों में से एक है।
जन्मदिन पर बच्चों के बीच बांटी गईं पढ़ाई की सामग्री
इस मौके पर पार्टी की ओर से बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियां, पेन और पेंसिल बांटे गए। जन्मदिन के कार्यक्रम को सामाजिक गतिविधि से जोड़ने की यह पहल भी समारोह का हिस्सा रही।
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिराग पासवान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में उनके प्रयासों का उल्लेख किया और उनके अच्छे स्वास्थ्य तथा लंबी उम्र की कामना की। अन्य नेताओं ने भी उन्हें बधाई दी।
रामविलास पासवान की विरासत और चिराग का राजनीतिक सफर
चिराग पासवान के राजनीतिक सफर को उनके पिता रामविलास पासवान की विरासत से अलग करके देखना आसान नहीं है। रामविलास पासवान बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे।
पिता के निधन के बाद चिराग के सामने पार्टी और राजनीतिक जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाने की चुनौती थी। आज वे लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और हाजीपुर का प्रतिनिधित्व लोकसभा में कर रहे हैं।
जन्मदिन के इस मौके पर उनका संदेश भी इसी विरासत और भविष्य की प्राथमिकताओं के इर्द-गिर्द रहा— पिता की सीख को याद रखना, पार्टी कार्यकर्ताओं के योगदान को स्वीकार करना और बिहार के विकास के लिए काम करते रहना।
चिराग पासवान के 44वें जन्मदिन पर उनके लिए शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। इस दिन की सबसे खास बात यह रही कि राजनीतिक उपलब्धियों और समारोह के बीच उन्होंने अपने पिता को याद किया और अपने सफर में परिवार, समर्थकों तथा जनता की भूमिका को अहम बताया।