नई दिल्ली: दशहरा यानी विजयादशमी पर रावण दहन देखने की तैयारी कर रहे हैं तो दिल्ली-NCR के प्रमुख रामलीला मैदानों की जानकारी पहले ही जुटा लें। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में दशहरा मनाया जाएगा। शाम को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा।
हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली-NCR में रामलीला, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर लोगों में उत्साह है। हालांकि, रावण दहन का सटीक समय हर आयोजन समिति के कार्यक्रम के अनुसार अलग हो सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले संबंधित आयोजक की ताजा सूचना जरूर देख लें।
दशहरा 2026 कब है?
इस साल दिल्ली में दशहरा 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा। नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार विजय मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक है। रावण दहन आमतौर पर सूर्यास्त के बाद होता है, लेकिन हर मैदान का समय अलग हो सकता है।
दिल्ली में कहां देखें रावण दहन?
1. लाल किला मैदान की लव कुश रामलीला
लाल किले के पास आयोजित होने वाली लव कुश रामलीला दिल्ली के चर्चित आयोजनों में शामिल है। यहां बड़े मंच, रामायण के प्रसंग और विशेष दृश्य लोगों को आकर्षित करते हैं। इस साल भी आयोजन में भव्य मंचीय प्रस्तुतियों की तैयारी की गई है।
जाने से पहले: लाल किला मैदान के लिए मेट्रो से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं तो नजदीकी स्टेशन, निकास द्वार और आयोजन के दिन लागू यातायात व्यवस्था की पुष्टि कर लें। रावण दहन का समय समिति की आधिकारिक सूचना से जांचें।
2. पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला
इस बार पीतमपुरा की श्री केशव रामलीला समिति का आयोजन एक खास वजह से चर्चा में है। समिति ने दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने की योजना बनाई है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य गंदगी और अस्वच्छता के खिलाफ संदेश देना है।
अगर आप यह आयोजन देखने जाना चाहते हैं, तो निकलने से पहले समिति से कार्यक्रम स्थल और दहन के समय की पुष्टि कर लें।
3. रामलीला मैदान, पुरानी दिल्ली के आसपास
पुरानी दिल्ली और लाल किला क्षेत्र में दशहरे के दौरान कई आयोजन होते हैं। भीड़ अधिक होने की संभावना को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन से जाना सुविधाजनक हो सकता है। रामलीला मैदान के आसपास नई दिल्ली और दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन भी स्थित हैं, हालांकि आपके कार्यक्रम स्थल के अनुसार सही स्टेशन चुनना जरूरी है। <Cite refs={[“turn621853search5″,”turn621853search6”]}/>
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी होंगे बड़े आयोजन
दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी इस बार भव्य रामलीलाओं का आयोजन किया जा रहा है। कुछ आयोजनों में ऊंचे पुतलों, एलईडी लाइटिंग, 3D प्रभावों और आकर्षक मंच सज्जा की तैयारी की गई है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
हालांकि, सभी आयोजन स्थलों का दहन समय और मेट्रो से पहुंचने का रास्ता एक जैसा नहीं है। जिस मैदान में जाने का विचार हो, उसके आयोजक की सूचना और स्थानीय यातायात अपडेट जरूर जांचें।
गुरुग्राम में सुरक्षा के विशेष इंतजाम
गुरुग्राम में दशहरे के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में 66 रावण दहन स्थलों और 17 धार्मिक जुलूसों के मार्गों पर सुरक्षा के लिए लगभग 2,200 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
ऐसे में आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें और रास्ते में पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
रावण दहन देखने जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- आयोजन समिति से रावण दहन का सही समय और प्रवेश की जानकारी जांच लें।
- संभव हो तो मेट्रो या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
- भीड़ को देखते हुए बच्चों के साथ जाएं तो उनका हाथ पकड़कर रखें और मिलने की जगह पहले तय कर लें।
- पटाखों, आतिशबाजी और पुतलों से निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की ताजा जानकारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या संबंधित स्थानीय प्रशासन से देखें।
दशहरा क्यों मनाया जाता है?
दशहरा को विजयादशमी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह दिन भगवान राम की रावण पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे स्थानीय परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।
दिल्ली-NCR में रावण दहन देखने का प्लान बना रहे हैं तो बेहतर होगा कि आयोजन स्थल, समय और यात्रा का रास्ता पहले तय कर लें। इससे भीड़ में परेशानी कम होगी और परिवार के साथ त्योहार का आनंद भी लिया जा सकेगा।